भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय NARENDRA MODI BIOGRAPHY IN HINDI

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय

नमस्कार दोस्तों
Vishwkarma में इस पोस्ट में हम भारत के सबसे ताकतवर और लोकप्रिय राजनेता नरेन्द्र मोदी के बारे में पढेंगे। नरेन्द्र दामोदरदास मोदी भारत के वर्तमान प्रधानमन्त्री हैं। भारत के राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें 23 मई 2014 को भारत के 15वें प्रधानमन्त्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। वे इस पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं।

भारत के 15वें प्रधानमन्त्री
पद पर आसीन

23 मई 2014

राष्ट्रपति:- प्रणव मुखर्जी

पूर्वप्रधानमंत्री:- मनमोहन सिंह

गुजरात के 14वें मुख्यमन्त्री
पद पर आसीन(कार्यकाल)

7 अक्टूबर 2001 – 22 मई 2014

राज्यपाल:- सुन्दरसिंह भण्डारी
कैलाशपति मिश्र
बलराम जाखड़
नवलकिशोर शर्मा
एस. सी. जमीर
कमला बेनीवाल

पूर्वामुख्यमंत्री:- केशूभाई पटेल

उत्तराधिकारी(मुख्यमंत्री):- आनंदीबेन पटेल

निजी जानकारी
नाम:- नरेन्द्र दामोदर दास मोदी
जन्म:- 17 सितम्बर 1950
वड़नगर, गुजरात, भारत

राजनीतिक दल:- भारतीय जनता पार्टी

धर्मपत्नी:- जसोदाबेन

शैक्षिक सम्बद्धता:- दिल्ली विश्वविद्यालय
गुजरात विश्वविद्यालय

धर्म:- हिन्दू

नरेन्द्र मोदी का जन्म तत्कालीन बॉम्बे राज्य के महेसाना जिला स्थित वडनगर ग्राम में हीराबेन मोदी और दामोदरदास मूलचन्द मोदी के एक मध्यम-वर्गीय पूर्णत: शाकाहारी परिवार में हुआ। भारत पाकिस्तान के बीच द्वितीय युद्ध के समय उन्होंने स्वेच्छा से रेलवे स्टेशनों पर सफ़र कर रहे सैनिकों की सेवा की।

अपने माता-पिता की कुल छ: सन्तानों में नरेंद्र मोदी तीसरे पुत्र है। बड़नगर के ही एक स्कूल मास्टर के अनुसार नरेन्द्र हालाँकि एक औसत दर्ज़े का छात्र था, लेकिन वाद-विवाद और नाटक प्रतियोगिताओं में उसकी बहुत रुचि थी। इसके अलावा उसकी रुचि राजनीतिक विषयों पर नयी-नयी परियोजनाएँ प्रारम्भ करने की भी थी।

13 वर्ष की आयु में नरेन्द्र की सगाई जसोदा बेन चमनलाल के साथ कर दी गयी और 17 वर्ष की आयु में विवाह कर दिया। नरेन्द्र मोदी के जीवनी-लेखक का कहना है कि:- उन दोनों की शादी जरूर हुई परन्तु वे दोनों एक साथ कभी नहीं रहे। शादी के कुछ बरसों बाद नरेन्द्र मोदी ने घर त्याग दिया और एक प्रकार से उनका वैवाहिक जीवन लगभग समाप्त-सा ही हो गया।

नरेन्द्र मोदी पर स्वामी विवेकानंद की बातो का इतना असर हुआ था की उन्होंने 1970 में घर-बार छोड़कर सन्यासी बनने के संकल्प से हिमालय की तरफ चले गए और इस दौरान उन्होंने बहुत से धार्मिक जगहों जैसे- उत्तराखंड में ऋषीकेश, बंगाल में रामकृष्ण आश्रम और पूर्वोत्तर भारत की कई जगहों का भ्रमण भी किया। जिस से उनको अध्यात्म, जीवन, और राष्ट्र भक्ति को और गहराई से जानने का मौका मिला। इन दो सालो के भ्रमण में मोदी जीवन का मतलब और देश भक्ति से अच्छी तरह रूबरू हो चुके थे। जिस से उन्होंने सन्यासी जीवन की इच्छा को देश भक्त के जीवन में बदल लिया और वे 2 साल बाद ही घर लौट आये। घर पर वे सिर्फ 2 हफ्ते रुके और फिर अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए और आरएसएस में शामिल हो गए।

पिछले चार विधान सभा चुनावों में अपनी वैवाहिक स्थिति पर खामोश रहने के बाद नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अविवाहित रहने की जानकारी देकर उन्होंने कोई पाप नहीं किया। नरेन्द्र मोदी के मुताबिक एक शादीशुदा के मुकाबले अविवाहित व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार तरीके से लड़ सकता है क्योंकि उसे अपनी पत्नी, परिवार व बालबच्चों की कोई चिन्ता नहीं रहती। हालांकि अभी हुए लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर जसोदाबेन को अपनी पत्नी स्वीकार किया है।

नरेन्द्र मोदी का राजनितिक करियर

युवावस्था में नरेन्द्र मोदी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। उन्होंने साथ ही साथ भ्रष्टाचार विरोधी नव निर्माण आन्दोलन में हिस्सा लिया। किशोरावस्था में अपने भाई के साथ एक चाय की दुकान चला चुके मोदी ने अपनी स्कूली शिक्षा वड़नगर में पूरी की। उन्होंने आरएसएस के प्रचारक रहते हुए 1980 में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर परीक्षा दी और एम॰एससी॰ की डिग्री प्राप्त की।

RSS से सन 1985 में नरेन्द्र मोदी बीजेपी में शामिल हुए। पार्टी में उनके अच्छे कार्यो और योगदान पर उन्हें 1988 में गुजरात के आयोजन सचिव बनाये गए। नरेन्द्र मोदी के योगदान से ही 1995 में बीजेपी को गुजरात चुनाव में काफी सहयोग मिला। जिस पर उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। युवा नेता को इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी मिलना आसान बात नहीं थी। जहाँ से नरेन्द्र मोदी देश के पांच प्रदेशों का कार्य सम्भाला। 1998-2001 तक नरेन्द्र मोदी जी महासचिव रहे और दिल्ली की राजनीती में सक्रिय हुए। 1998 के गुजरात चुनाव में नरेन्द्र मोदी के भरपूर सहयोग से केशुभाई पटेल ने गुजरात की सत्ता सम्भाली।

2001 में केशुभाई की हालत में गिरावट के कारण सरकार में काफी विवाद उत्पन्न हुए जिस कारण सत्ता हाथ से निकल गई। नए उम्मीदवार के रूप में हर तरफ नरेन्द्र मोदी ही थे, पर वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी को नरेन्द्र मोदी में इतने बड़ी ज़िम्मेदारी निभाने की समझ में शंकाए थी। इस कारण नरेन्द्र मोदी को उपमुख्यमंत्री के पद के लिए चुना गया, लेकिन नरेन्द्र मोदी ने साफ़ इंकार कर इस्तीफे का फैसला किया। 

आख़िरकार अटल बिहारी वाजपेयी ने नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी का दावेदार चुन लिया और 2002 में नरेन्द्र मोदी ने अपनी जीत के साथ गुजरात की सरकार को नेतृत्व प्रदान किया। एक सफल मुख्यमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने 12 सालों के मुख्यमंत्री पद तक बनाये रखा। 2014 में हुए आम चुनाव में नरेन्द्र मोदी जी बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में चुनाव लड़े और अत्याधिक वोटों के साथ विजयी रहे। 22 मई 2014 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें गुजरात के लोगो से काफी प्यार और सहयोग मिला। और सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे।

प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अपने अभी तक के 3 साल के कार्यकाल में नरेन्द्र मोदी जी ने कई साहसिक और देश हित के कार्य किये। वो एक प्रबल हिंदी वक्ता है। उनके भाषण गरीबो के दुःखो पर मरहम का कार्य करते है और युवाओं तथा सेनिको में नए जोश का संचार करते है। अपने तीन साल के कार्यकाल में मोदी जी ने कई नयी योजनाओं के साथ काले धन के खिलाफ 500 तथा 1000 के पुराने नोट बन्द करने जैसा साहसिक कार्य किया। नरेन्द्र मोदी देश विदेश में अपनी लोकप्रियता और प्रभाव से भारत का नाम पुरे विश्व में एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करवाया और आज विश्व में भारत का नाम सम्मान से लिया जाता है। उन्होंने ऐसे कई कार्य और योजनाएं सुरु की जिनकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता था।

नरेन्द्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री पद  के  कार्यकाल में अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किये जिनमे से कुछ निम्न प्रकार है:-

  • आपदा प्रबंधन और ख़तरा टालने की दिशा में संयुक्त राष्ट्र की ओर से सासाकावा पुरस्कार।
  •  प्रबंधन में नवीनता लाने के लिए कॉमनवेल्थ एसोसिएशन्स की ओर से CAPAM गोल्ड पुरस्कार।
  • इन्डिया इन्टरनेशनल ट्रेड फेयर-2004 में इन्डिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइज़ेशन फॉर गुजरात्स एक्सेलन्स’ की ओर से स्पेशल कमेन्डेशन गोल्ड मेडल दिया गया।
  • भारत सरकार की ओर से गुजरात के राजकोट ज़िले में सेनिटेशन सुविधाओं के लिए निर्मल ग्राम पुरस्कार दिया गया।
  • भारत सरकार के सूचना और तकनीकी मंत्रालय और विज्ञान-तकनीकी मंत्रालय द्वारा भास्कराचार्य इन्स्टिट्यूट ऑफ स्पेस एप्लिकेशन और जिओ-इन्फर्मेटिक्स, गुजरात सरकार को PRAGATI के लिए एलिटेक्स पुरस्कार दिया गया।
  • राजीव गांधी फाउन्डेशन नई दिल्ली की ओर से आयोजित सर्वेक्षण में देश के सभी राज्यों में गुजरात को श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला।
  • भूकंप के दौरान क्षतिग्रस्त हुए गुरुद्वारा के पुनःस्थापन के लिए यूनेस्को द्वारा एशिया पेसिफिक हेरिटेज अवार्ड दिया गया।
  • इन्डिया टुडे द्वारा श्रेष्ठ निवेश पर्यावरण पुरस्कार दिया गया।
  • इन्डिया टुडे द्वारा सर्वाधिक आर्थिक स्वातंत्र्य पुरस्कार दिया गया।
  •  नई दिल्ली में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में गुजरात पेविलियन को प्रथम पुरस्कार मिला।
  • गुजराती साप्ताहिक चित्रलेखा के पाठकों ने श्री नरेन्द्र मोदी को पर्सन ओफ द ईयर पुरस्कार दिया गया। ये पुरस्कार दिनांक 18-05-2006 को दिये गये।
  • इन्डिया टेक फाउन्डेशन की ओर से ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और नवीनता के लिए इन्डिया टेक्नोलोजी एक्सेलन्स अवार्ड दिया गया।

  • इन्डिया टुडे द्वारा देश व्यापी स्तर पर कराये गये सर्वेक्षण में श्री नरेन्द्र मोदी देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने गये।

  • सेनिटेशन सुविधाओं के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गुजरात के कुछ गाँवों को निर्मल ग्राम पुरस्कार दिये गये।

  • बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अमलीकरण में गुजरात एक बार फिर प्रथम स्थान पर रहा।

  • सर्व शिक्षा अभियान में गुजरात देश के 35 राज्यों में सबसे प्रथम क्रमांक पर रहा।

  • अहल्याबाई नेशनल अवार्ड फंक्शन, इन्दौर की ओर से पुरस्कार।

  • चिरंजीवी योजना के लिए वोल स्ट्रीट जर्नल और फाइनान्सियल एक्सप्रेस की ओर से (प्रसूति समय जच्चा-बच्चा मृत्यु दर कम करने ले लिए) सिंगापुर में एशियन इन्नोवेशन अवार्ड दिया गया।

  • भू-रिकार्ड्स के कम्प्यूटराइजेशन के लिए चल रही ई-धरा योजना के लिए ई-गवर्नन्स पुरस्कार।

  • देश के सबसे श्रेष्ठ ई-गवर्न्ड राज्य का ELITEX 2007- पुरस्कार भारत की केन्द्र सरकार की ओर से प्राप्त।

  • इन्डिया टुडे-ओआरजी मार्ग के देशव्यापी सर्वेक्षण में तीसरी बार श्रेष्ट मुख्यमंत्री चुने गये। पाँच साल के कार्यकाल में किसी भी मुख्यमंत्री के लिए यह अनोखी सिद्धि थी।

हम प्रधानमंत्री जी के अच्छे स्वास्थ्य और गौरवशाली कार्यकाल की कामना करते है। नरेन्द्र मोदी जी इसी तरह देश की सेवा करते रहे और देश को निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर करते रहे।

NARENDRA MODI AND OBAMA

NARENDRA MODI AND SALMAN

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